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रील बनाने का जुनून पड़ा भारी, 30 फीट ऊंचे बांध से लगाई छलांग

झांसी में सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने के लिए स्टंट करना एक युवक को भारी पड़ गया। युवक ने करीब 30 फीट ऊंचे बांध से पानी में छलांग लगाकर वीडियो बनाने की कोशिश की, लेकिन छलांग के बाद वह ऐसी जगह जा गिरा, जहां पानी बेहद कम था।पानी की गहराई कम होने के कारण युवक को गंभीर चोटें आईं और उसके दोनों पैर टूट गए। हादसे के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।यह घटना एक बार फिर बताती है कि सोशल मीडिया पर कुछ सेकंड की लोकप्रियता के लिए जान जोखिम में डालकर स्टंट करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है।

सड़क धंसने पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का बयान, बोले- बारिश में निर्माण प्रभावित होना संभव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बारिश के दौरान सड़क धंसने के मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अत्यधिक बारिश का असर सड़क और पुल जैसे निर्माण कार्यों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि लगातार और तेज बारिश की स्थिति में सड़कें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं और कई बार बड़े निर्माण भी प्रभावित होते हैं।डिप्टी सीएम ने कहा कि यदि किसी सड़क के निर्माण में गुणवत्ता से जुड़ी कमी सामने आती है तो उसकी जांच कराई जाएगी। जांच में लापरवाही या खराब गुणवत्ता के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।उन्होंने यह भी कहा कि जहां सड़क धंसी है, वहां उसे दोबारा दुरुस्त कराया जाएगा। उनके मुताबिक सड़क को लेकर किसी भी तरह की तकनीकी या गुणवत्ता संबंधी शिकायत मिलने पर उसकी जांच जरूरी है।मौर्य ने अपने बयान में नेपाल में आई बाढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि वहां बाढ़ के कारण बड़े-बड़े पुल तक बह गए। उनका कहना था कि प्राकृतिक परिस्थितियों का निर्माण कार्यों पर प्रभाव पड़ना संभव है, हालांकि गुणवत्ता से समझौता होने की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जाएगी।

नेपाल में सैलाब के 7 दिन बाद त्रिशूली-3A टनल से 2 कर्मचारी जिंदा बाहर निकलेबचाव अभियान जारी, टनल के भीतर कई और लोगों के फंसे होने के संकेत

नेपाल। नेपाल में सैलाब के सात दिन बाद त्रिशूली-3A परियोजना की टनल में फंसे दो कर्मचारियों को आज जिंदा बाहर निकाल लिया गया। इससे पहले एक व्यक्ति के टनल से सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई थी।बचाव अभियान के दौरान टनल के भीतर कई और लोगों के जिंदा होने के संकेत मिले हैं। इसके बाद राहत एवं बचाव दलों ने अभियान तेज कर दिया है और अन्य कर्मचारियों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।सैलाब के बाद से परियोजना क्षेत्र में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। मलबे और पानी के बीच बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं। टनल में फंसे अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की उम्मीद बनी हुई है।

असीम वक़ार ने थामा कांग्रेस का हाथ, AICC मुख्यालय में ली सदस्यता

लखनऊ। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के तेज़-तर्रार प्रवक्ता के रूप में अपनी पहचान बना चुके असीम वक़ार ने बुधवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया। उन्होंने नई दिल्ली स्थित AICC मुख्यालय में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।असीम वक़ार को कांग्रेस में शामिल कराने के दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी मौजूद रहे। नेताओं ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई और कांग्रेस में स्वागत किया।असीम वक़ार लंबे समय तक AIMIM के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल रहे हैं और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का पक्ष मुखरता से रखते रहे हैं। उनके कांग्रेस में शामिल होने को उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।कांग्रेस नेताओं का मानना है कि असीम वक़ार के अनुभव और राजनीतिक सक्रियता से पार्टी को प्रदेश में अपनी राजनीतिक गतिविधियों को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

उत्तराखंड में भारी बारिश, कैंची धाम में उफनाई शिप्रा नदी

नैनीताल। उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही भारी बारिश के चलते नैनीताल जिले के कैंची धाम क्षेत्र में शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। बारिश के कारण नदी का बहाव अचानक तेज हो गया, जिससे आसपास के इलाकों में चिंता का माहौल बन गया है।तेज बारिश के बीच शिप्रा नदी उफान पर दिखाई दे रही है। नदी के बढ़े जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए स्थानीय लोगों में सतर्कता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से भी नदी और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखे जाने की जरूरत है।

मेरठ में किसानों का धरना तेज, कमिश्नरी चौराहा बना आंदोलन का केंद्र

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) से जुड़े किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कमिश्नरी चौराहे पर मोर्चा संभाल लिया है। किसानों ने सड़क पर बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी कर दी हैं और तंबू लगाकर आंदोलन स्थल को अस्थायी ठिकाने में तब्दील कर दिया है।आंदोलन स्थल पर किसानों के लिए बड़े स्तर पर भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। वहीं, माहौल में उत्साह बनाए रखने के लिए रागिनी गायन भी चल रहा है। किसान चौपाल की तर्ज पर हुक्का गुड़गुड़ाते हुए आपस में चर्चा करते नजर आ रहे हैं।किसानों का कहना है कि उनकी प्रमुख समस्याओं में सुचारू बिजली आपूर्ति, खाद की पर्याप्त उपलब्धता और गन्ने के बकाया भुगतान का मुद्दा शामिल है। इन्हीं मांगों को लेकर किसान कमिश्नरी चौराहे पर डटे हुए हैं।किसानों के इस जमावड़े के चलते क्षेत्र में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। आंदोलन को देखते हुए प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए राशि वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में ‘प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ के अंतर्गत आयोजित लैपटॉप राशि वितरण कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए उनकी शिक्षा और डिजिटल अध्ययन को प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए राशि प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपनी पढ़ाई में तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकें।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा, तकनीकी दक्षता और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

मंदाकिनी के जलस्तर में बढ़ोतरी, रामघाट क्षेत्र में प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता

चित्रकूट। माँ मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने रामघाट सहित आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। नदी के आसपास कारोबार करने वाले दुकानदारों और वहां रह रहे लोगों से एहतियातन सुरक्षित स्थानों अथवा रैन बसेरों में जाने की अपील की जा रही है।जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने प्रभावित इलाकों का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और हालात की जानकारी ली। अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से नदी व घाटों के नजदीक जाने से बचने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा स्थिति में सावधानी बरतना जरूरी है और प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहना ही बेहतर है।

अंतरराष्ट्रीय जिझौतिया ब्राह्मण महासंघ का स्नेह सम्मेलन सम्पन्न
बरुआसागर/झाँसी, 30 अगस्त 2026।

अंतरराष्ट्रीय जिझौतिया ब्राह्मण महासंघ की झाँसी जिला इकाई का स्नेह सम्मेलन राजकीय संग्रहालय, झाँसी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय संयोजक एवं सभापति पंडित कपिल देव मिश्रा मुख्य अतिथि रहे। पूर्व मंत्री ओमप्रकाश रिछारिया और केंद्रीय अध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी, टीकमगढ़ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि जीआईसी झाँसी के सेवानिवृत्त प्राचार्य आलोक शांडिल्य ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।मुख्य अतिथि पंडित कपिल देव मिश्रा ने जिझौति, जिझौतियाई और जिझौतिकखंड के इतिहास तथा महासंघ के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य समाज को जोड़ने के साथ-साथ जिझौतिया ब्राह्मण समाज और जिझौति क्षेत्र में निवास करने वाली सप्तसनातनी जातियों की परंपराओं एवं इतिहास को संरक्षित करना है।उन्होंने बताया कि महासंघ का संगठनात्मक विस्तार 10 प्रांतों में लगभग 70 इकाइयों तक हो चुका है। आगामी समय में निवाड़ी, मऊरानीपुर, ललितपुर और जालौन में भी स्नेह सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता, संस्कृति के संरक्षण और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए महासंघ निरंतर कार्य कर रहा है।सम्मेलन के दौरान समाज के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों तथा बुजुर्गों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम में मातृ शक्ति की केंद्रीय अध्यक्ष रजनी अरजरिया, केंद्रीय संगठन मंत्री संध्या त्रिपाठी, रंजना तिवारी, सुमित रिछारिया, जिलाध्यक्ष अनूप व्यास, जिला संयोजक धर्मेंद्र तिवारी, शहर जिला संयोजक संदीप पटेरिया, क्षेत्रीय संगठन मंत्री विजय दुबे, एस.के. व्यास, युवा शक्ति इकाई के जिलाध्यक्ष मोहित गौतम सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।कार्यक्रम में सुधीर कौशिक, सुरेशचंद बबेले, हरिशंकर चतुर्वेदी, महेश समेले, पुष्पेंद्र तिवारी, पंकज मिश्रा, विजय तिवारी, रामबाबू गोस्वामी, देवेंद्र गोस्वामी, बलराम हूँडेट, रविकांत व्यास, सुरेंद्र सुड़ेले, सुदामा समेले, भवानीप्रसाद पस्तोर, अशोक पांडेय, बृजेश पांडेय, अश्वनी पाण्डेय, सुरेश तिवारी, देवेंद्र बाजपेई, विनोद चतुर्वेदी, हरिराम तिवारी, अभिषेक दुबे, गौरव तिवारी, निर्मला तिवारी, विभा तिवारी, कविता पटेरिया, रजनी तिवारी, राजेंद्र चौबे, राजीव तिवारी, कुलदीप सरपंच गिड़खिनी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

सुखद समाचार:
नेपाल त्रासदी के तीन दिन बाद छह साल की बच्ची को सुरक्षित बचाया गयानेपाल।

भीषण त्रासदी के बीच तीन दिनों तक मलबे में फंसी छह साल की बच्ची को सुरक्षित बचा लिया गया। राहत और बचाव दलों के अथक प्रयासों के बाद बच्ची को बाहर निकाला गया तो मौके पर मौजूद लोगों की आंखों में खुशी और राहत के आंसू छलक पड़े।लगातार चले बचाव अभियान के दौरान टीमों ने सावधानीपूर्वक मलबा हटाकर बच्ची तक पहुंच बनाई। तीन दिन तक कठिन परिस्थितियों में जिंदगी से जूझने के बाद उसका सुरक्षित बाहर आना राहत कार्य में जुटे लोगों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।

चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित इलाकों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

चित्रकूट, 30 अगस्त।

लगातार बारिश के चलते चित्रकूट में बने बाढ़ जैसे हालात का जायजा लेने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर जलभराव और बाढ़ की स्थिति को देखा तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी अधिकारियों से ली।मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों से भी बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों तक भोजन, पेयजल, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सहायता समय पर पहुंचाई जाए।डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था तत्काल की जाए। प्रशासन और राहत दल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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नेपाल में सैलाब के 7 दिन बाद त्रिशूली-3A टनल से 2 कर्मचारी जिंदा बाहर निकलेबचाव अभियान जारी, टनल के भीतर कई और लोगों के फंसे होने के संकेत

नेपाल। नेपाल में सैलाब के सात दिन बाद त्रिशूली-3A परियोजना की टनल में फंसे दो कर्मचारियों को आज जिंदा बाहर निकाल लिया गया। इससे पहले एक व्यक्ति के टनल से सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई थी।बचाव अभियान के दौरान टनल के भीतर कई और लोगों के जिंदा होने के संकेत मिले हैं। इसके बाद राहत एवं बचाव दलों ने अभियान तेज कर दिया है और अन्य कर्मचारियों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।सैलाब के बाद से परियोजना क्षेत्र में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। मलबे और पानी के बीच बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं। टनल में फंसे अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की उम्मीद बनी हुई है।

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